देश में बाघों की संख्या में अब बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। हाल ही में जारी की गई बाघ आंकलन में इनकी संख्या में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लेकिन क्या बाघों के लिए देश में पर्याप्त जंगल है? या वन क्षेत्र में भी इसी तेजी से बढ़ रहे है। जवाब है नहीं। क्योंकि पिछले कुछ सालों में वन क्षेत्रों में महज दो फीसदी ही वृद्धि हुई है। वर्तमान में मौजूद जंगल बाघों की संख्या के लिए पर्याप्त नहीं है। क्योंकि एक नर बाघ को रहने के लिए कम से कम 50 से 60 वर्ग किमी का क्षेत्र चाहिए। इसी तरह मादा बाघ के लिए कम से कम 15 से 20 वर्ग किमी का क्षेत्र चाहिए होता है। एक नर बाघ के इलाके में तीन से चार बाघिन रहती हैं। अब बाघों की संख्या बढ़ रही है तो इनके बीच अपने दबदबे वाले इलाके में आपसी संघर्ष भी बढ़ने लगे हैं। इसमें कई बाघों को अपनी जान भी गवानी पड़ रही है।

अब वन क्षेत्र बढ़ रहे हैं, लेकिन इनकी गति धीमी है, जिसे तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि बाघों को रहने के लिए पर्यात वन क्षेत्र मिल सके। वहीं, सिर्फ वन क्षेत्र के अलावा बाघों के लिए सघन वन क्षेत्र की जरूरत ज्यादा होती है। सघन वन क्षेत्र ही बाघों के लिए बेहतर होता है। लेकिन सघन वन क्षेत्रों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। जिसका असर इनमें रहने वाले बाघों पर पड़ रहा है। पर्याप्त जंगल के नहीं होने से बाघों को जंगलों से बाहर आकर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। लगभग एक चैथाई बाघों को जंगल से बाहर आकर रहना पड़ रहा है। 


इसके चलते इंसानों और बाघों के बीच होने वाले संघर्षों में तेजी आई है। इसका खामियाजा इंसान और बाघ दोनों को भुगतना पड़ता है। हाल ही में यूपी के पीलीभीत जिले में ग्रामीणों की ओर से एक बाघ को पीटकर मार डालने की खबर आई थी। इस प्रकार की खबरें अक्सर समाचारों में देखने या सुनने को मिलती है। इसकी वजह संघन जंगली क्षेत्रों में लगातार आ रही कमी ही है। इसके चलते ये बाघ शिकार ढूंढने के लिए छोटे पड़ रहे जंगलों को छोड़कर खुले इलाके में आने लगे हैं। देश के जंगलों में जितने बाघ रह सकते है। अब उससे कहीं ज्यादा संख्या बाघ हो गए हैं। सघन वनों की कमी इसे और बढ़ावा देता है। 

ऐसे में सघन जंगलों को तेजी से बढ़ाना होगा। ताकि बाघों को रहने के लिए पर्याप्त क्षेत्र मिल सके। और इनकी संख्या में और भी बढ़ोत्तरी हो। बाघ एक शानदार जीव है। जो खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़़ी है। बाघ नहीं रहेंगे तो ये जंगल भी नहीं रहेंगे। बाघ हमारे जंगलों की हिफाजत के लिए बेहद जरूरी हैं। और हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में जंगलों का क्या महत्व है। ये न सिर्फ पर्यावरण की बेहतरी के लिए आवश्यक है, बल्कि बाघों के अलावा कई प्रकार के जीव जंतुओं के लिए भी बेहद जरूरी है। इसलिए बाघों को भी बचाईए और जंगलों को भी। ताकि हजारों जीव जंतुओं और पक्षियों को रहने के लिए एक बेहतर पर्यावास मिल सके।